हिन्दू धर्म ग्रंथों में धन प्राप्ति के प्रचलित श्लोक, स्तोत्र और पाठ
हिन्दू धर्म ग्रंथों में धन और समृद्धि की प्राप्ति के लिए अनेक शक्तिशाली मंत्र, स्तोत्र और पाठ वर्णित हैं। इन सभी में से सबसे प्रचलित और प्रभावशाली स्लोक, स्तोत्र और पाठों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत है।
1. श्री कनकधारा स्तोत्र
कनकधारा स्तोत्र धन वर्षा के लिए सबसे प्रसिद्ध स्तोत्र है जिसकी रचना आदि शंकराचार्य जी ने की थी। “कनक” का अर्थ सोना और “धारा” का अर्थ धारा है, अर्थात् स्वर्ण की वर्षा करने वाला स्तोत्र। इस स्तोत्र के पाठ से मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर धन की वर्षा करती हैं।
मुख्य श्लोक:
“अंगं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती भृगांगनैव मुकुलाभरणं तमालम्।
अंगीकृताखिल विभूतिरपांगलीला मांगल्यदास्तु मम मंगलदेवतायाः॥”
यह स्तोत्र विशेष रूप से शुक्रवार, पूर्णिमा और दिवाली के दिन पढ़ा जाता है।
2. कुबेर मंत्र
कुबेर देव को धन का राजा माना जाता है और उनकी कृपा से धन संबंधी सभी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं। कुबेर के तीन प्रमुख मंत्र हैं:
पहला मंत्र (35 अक्षरों वाला):
“ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये, धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥”
अष्ट लक्ष्मी कुबेर मंत्र:
“ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥”
धन प्राप्ति कुबेर मंत्र:
“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः॥”
3. लक्ष्मी मंत्र
मां लक्ष्मी धन और वैभव की देवी हैं। उनके प्रमुख मंत्र निम्नलिखित हैं:
लक्ष्मी बीज मंत्र:
“ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः”
लक्ष्मी गायत्री मंत्र:
“ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ”
महालक्ष्मी मंत्र:
“ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”
4. श्री सूक्त
श्री सूक्त ऋग्वेद से लिया गया है और इसमें 15 मंत्र हैं। यह मां लक्ष्मी की आराधना का सर्वोत्तम तरीका माना जाता है।
प्रमुख मंत्र:
“ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं, सुवर्णरजतस्त्रजाम्।
चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं, जातवेदो म आ वह॥”
श्री सूक्त का नियमित पाठ करने से व्यक्ति को धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
5. लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र
यह स्तोत्र देवी लक्ष्मी के 108 नामों का स्तवन है। इसके जाप से धन, समृद्धि, प्रसिद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
प्रारंभिक श्लोक:
“ॐ प्रकृत्यै नमः, ॐ विकृत्यै नमः, ॐ विद्यायै नमः, ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः”
तीनों काल इसके पाठ से विद्या प्राप्त होती है, छह माह तक पाठ करने से दारिद्रय का विनाश होता है।
6. गणेश धन मंत्र
भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं और धन प्राप्ति में भी सहायक हैं।
कार्यसिद्धि गणेश मंत्र:
“वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥”
गणेश बीज मंत्र:
“ॐ गं गणपतये नमः”
धन प्राप्ति गणेश मंत्र:
“ॐ गणेश ऋणं छिन्धि वरेण्यं हुं नमः फट॥”
7. विष्णु धन मंत्र
भगवान विष्णु जगत के पालनहार हैं और उनकी कृपा से धन-वैभव की प्राप्ति होती है।
मुख्य विष्णु मंत्र:
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”
धन-वैभव के लिए विशेष मंत्र:
“ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।
ॐ भूरिदा त्यसि श्रुतः पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।”
8. तारा मंत्र
मां तारा दस महाविद्याओं में से एक हैं और धन प्राप्ति के लिए अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती हैं।
तारा बीज मंत्र:
“ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्”
तारा साबर मंत्र:
“ॐ तारे तुतारे, नष्ट करो विघ्न हमारे, कीजो हमारे काज, न करे तो भैरव की आन”
इस मंत्र के जाप से अचानक धन प्राप्ति के योग बनते हैं और कर्ज से मुक्ति मिलती है।
9. दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र – सर्वोत्तम गरीबी नाशक स्तोत्र
दारिद्र्य दोत्र महर्षि वशिष्ठ द्वारा रचित सबसे प्रभावशाली स्तोत्र है जो विशेष रूप से दरिद्रता के नाश के लिए प्रसिद्ध है। इस स्तोत्र में आठ श्लोक हैं और प्रत्येक श्लोक के अंत में “दारिद्र्य दुःखदहनाय नमः शिवाय” की आवृत्ति होती है।
10. दस महाविद्या मंत्र
दस महाविद्याएं शक्ति के दस रूप हैं जो धन और समृद्धि प्रदान करती हैं।
दस महाविद्याओं के नाम:
काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, त्रिपुर भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला।
इन सभी की अलग-अलग साधना और मंत्र हैं जो धन, वैभव और समृद्धि प्रदान करते हैं।
निष्कर्ष
हिन्दू धर्म ग्रंथों में वर्णित ये सभी मंत्र, स्तोत्र और पाठ अत्यंत प्रभावशाली हैं। कनकधारा स्तोत्र, कुबेर मंत्र, लक्ष्मी मंत्र, श्री सूक्त, और लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनाम सबसे अधिक प्रचलित हैं। इन सभी का नियमित जाप श्रद्धा और विधि-विधान के साथ करने से धन, समृद्धि और वैभव की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से शुक्रवार, पूर्णिमा और दिवाली के दिन इनका पाठ अधिक फलदायी माना जाता है
